Real fact check: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ, यानी रजत जयंती के अवसर पर देहरादून में एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस समारोह में उन्होंने प्रदेश के विकास की एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उत्तराखंड के लिए 8,260 करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं प्रदत्त कीं। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि यह दिन उत्तराखंड की जनता के लंबे संघर्ष का फल है और राज्य ने पिछले 25 वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां छुई हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड के सामर्थ्य को और निखारने में लगी हुई है। इस अवसर पर उन्होंने एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया और जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
सोशल मीडिया पर एक नोटिस वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने छात्रों को कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराने पर 50 इंटरनल मार्क्स देने का आदेश दिया है। यह दावा अब पूरी तरह गलत साबित हुआ है।
Real fact check
इस नोटिस में बताया गया था कि बीटेक सीएसई द्वितीय वर्ष और बीसीए द्वितीय वर्ष के सभी छात्रों को 9 नवंबर को एफआरआई, देहरादून में आयोजित प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शामिल होना अनिवार्य है और उपस्थिति को भारतीय ज्ञान परंपरा कोर्स का हिस्सा माना जाएगा तथा प्रत्येक छात्र को 50 अंक मिलेंगे।
हालांकि, यह नोटिस किसी सरकारी अधिकारी या विश्वविद्यालय के आधिकारिक प्रतिनिधि द्वारा जारी नहीं किया गया था। वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे जबरन छात्रों को बुलाने की राजनीति बताया जबकि वकील-कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर तंज किया।
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सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी, पीआईबी ने इस नोटिस को फर्जी बताया और स्पष्ट किया कि ऐसा कोई आदेश विश्वविद्यालय ने जारी नहीं किया। विश्वविद्यालय ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे गलत बताया और बताया कि यह नोटिस न तो आधिकारिक है, न ही इसके कोई हस्ताक्षर या रेफरेंस नंबर हैं।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और इसे लेकर पूरे देहरादून को सजाया गया था। सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए थे। पीएम मोदी के संबोधन में उन्होंने केदारनाथ रोपवे परियोजना, जमरानी बांध समेत पेयजल, तकनीकी शिक्षा, खेल और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों का लोकार्पण किया। इस आयोजन ने उत्तराखंड की विकास यात्रा की पूरी कहानी और वहां के लोगों के संकल्प को देश के सामने प्रस्तुत किया।
साथ ही, वायरल हुए एक फर्जी नोटिस के बारे में भी साफ किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम में शामिल होने पर छात्रों को कोई अतिरिक्त अंक नहीं दिए जाएंगे। देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने इस फर्जी सूचना को पूरी तरह नकारते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। PIB Fact Check ने भी इस नोटिस को फर्जी करार दिया है और सभी से अनुरोध किया है कि वे बिना सत्यापन के ऐसी सूचना सोशल मीडिया पर साझा न करें।