Uttarakhand Anganwadi Salary Update: 40 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ेगा, यह देखे पूरी जानकारी

Uttarakhand Anganwadi Salary Update: 14 नवंबर से आंदोलनरत उत्तराखंड की 40 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए धामी सरकार ने मानदेय 1600 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यह खबर न सिर्फ उनकी आर्थिक पीड़ा कम करेगी, बल्कि पूरे प्रदेश की महिला सशक्तिकरण योजनाओं को नई उड़ान देगी।

Uttarakhand Anganwadi Salary Update

उत्तराखंड आंगनबाड़ी सैलरी 2025 की बात करें तो वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 7500-9300 रुपये और सहायिकाओं को मात्र 4500-5000 रुपये मासिक मिल रहे हैं। बढ़ती महंगाई में यह राशि परिवार चलाने के लिए नाकाफी साबित हो रही है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने अब प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसमें 1600 रुपये तक की वृद्धि का प्रावधान है। यह 2021 के बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी होगी, जो आंगनबाड़ी बहनों की लंबी लड़ाई का फल है।

प्रदेशभर में 40,000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। यहां ये बहनें पोषण वितरण, टीकाकरण, बाल शिक्षा जैसी जिम्मेदारियां निभाती हैं। लेकिन खुद की जिंदगी संघर्षपूर्ण रही। अब प्रस्ताव के अंतिम रूप से शासन को भेजे जाने की तैयारी है, जिससे जल्द ही राहत मिलेगी।

19 दिन से सचिवालय कूच

14 नवंबर 2025 से शुरू हुआ उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का आंदोलन अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है। देहरादून सचिवालय तक मार्च, जौनसार बावर, रोशनाबाद जैसे इलाकों में धरने। प्रदेश अध्यक्षा सुशीला खत्री ने कहा, “हम सबसे कम मजदूरी पर काम कर रही हैं। लिखित शासनादेश तक आंदोलन जारी रहेगा।” पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी समर्थन दिया है। संघ की मुख्य मांगें- राज्य कर्मचारी का दर्जा, मानदेय 24,000 रुपये, सुपरवाइजर पदोन्नति, रिटायरमेंट पर पेंशन और महिला कल्याण कोष से 5 लाख रुपये एकमुश्त। ये मांगे सालों की उपेक्षा का प्रतीक हैं।

सुनैना जैसी सहायिका, जो 15 साल से 5000 रुपये में सिंगल मदर बनकर गुजारा कर रही हैं, बोलीं- “बच्चों की पढ़ाई-खिलाई मुश्किल हो गई।” तनु, 20 साल पुरानी कार्यकर्ता ने कहा, “300 रुपये रोजाना में घर कैसे चले?

सरकारी समिति के सकारात्मक कदम और मंत्री के बयान

2024 में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गठित समिति ने महत्वपूर्ण फैसले लिए। सेवानिवृत्ति पर 1 लाख रुपये एकमुश्त (हर साल 5% वृद्धि के साथ) पर सहमति बनी। सुपरवाइजर पदों के लिए 50% पदोन्नति कोटा बढ़ाया गया, आवेदन प्रक्रिया एक सप्ताह में शुरू हो सकती है।

महिला सशक्तीकरण मंत्री रेखा आर्या ने कहा, “आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विभाग की रीढ़ हैं। वे योजनाओं को जमीन पर उतारती हैं। सरकार संवेदनशील है।” विभाग निदेशक बीएल राणा के अनुसार, प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजा जाएगा। यह धामी सरकार की महिलाओं के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है।

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आंगनबाड़ी बहनों की भूमिका

उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों से मैदानी इलाकों तक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण अभियान, आईसीडीएस योजना, बाल विकास कार्यक्रम चला रही हैं। वे भोजन माता, आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाती हैं। लेकिन कम मानदेय से उनकी मेहनत का अपमान हो रहा था। अब वृद्धि से प्रेरणा बढ़ेगी।

प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के स्वास्थ्य, मातृ कल्याण का केंद्र हैं। यह प्रस्ताव न केवल आर्थिक राहत देगा, बल्कि सेवा की गुणवत्ता भी सुधरेगी। अन्य राज्य जैसे हरियाणा, राजस्थान में भी समान बढ़ोतरी हुई है, उत्तराखंड अब अग्रणी बनेगा।

Uttarakhand Anganwadi Salary lAtest Update

मानदेय वृद्धि से आंगनबाड़ी बहनें आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, जो समाज सेवा को नई ऊंचाई देगी। सुपरवाइजर पदोन्नति से करियर ग्रोथ सुनिश्चित होगी। रिटायरमेंट लाभ से बुढ़ापे की चिंता खत्म। यह कदम धामी सरकार की अन्य योजनाओं- पीएम आवास, लाड़ली बहना जैसी- का पूरक बनेगा। यह पहल अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बनेगी। आंदोलनकारी संघ को निर्देश मिलने के बाद धरना स्थगित करने की संभावना है, लेकिन लिखित आदेश तक सतर्क रहेंगी।

उत्तराखंड की ये बहादुर बहनें अब विजयी मुस्कान के हकदार हैं। सरकार का यह तोहफा न सिर्फ मानदेय बढ़ाएगा, बल्कि सम्मान भी बहाल करेगा। जल्द ही नया शासनादेश जारी होने की उम्मीद हैं।

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