PM Shram Yogi Mandhan Yojana 2025: प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक ऐसी सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को वृद्धावस्था में नियमित पेंशन उपलब्ध कराना है। यह पेंशन योजना लगभग अटल पेंशन योजना की तरह ही है जिसमें योग्य निवेशक स्वैच्छिक और अनुदानित पेंशन योजना का लाभ ले सकते हैं। हालांकि यह योजना अटल पेंशन योजना से अलग केवल इसलिए है क्योंकि इसमें लाभार्थी और सरकार समान योगदान करते हैं। जी हां इस योजना में लाभार्थी जितनी राशि का योगदान करता है सरकार भी अपनी तरफ से उतनी ही राशि पेंशन खाते में ट्रांसफर करती है ताकि वृद्धावस्था की स्थिति में लाभार्थी द्वारा किए गए योगदान के आधार पर ही लाभार्थी को पेंशन प्रदान की जा सके।
इस योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। योजना को LIC और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। LIC ही इस पेंशन निधि योजना में निधि का प्रबंध कर रहा है। योजना के अंतर्गत अब तक 30.51 करोड़ से अधिक श्रमिक पंजीकरण पूरा कर चुके हैं। यह योजना एक ऐसी विशेष योजना है जो असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को वृद्धावस्था में भी जीवन संचालन हेतु राशि प्रदान करती है ताकि बुढ़ापे में अथवा काम बंद होने पर इन्हें दर दर की ठोकर ना खानी पड़े।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए शुरू की गई है। असंगठित क्षेत्र के मजदूर अर्थात ऐसे मजदूर जिनकी रोज की कमाई निश्चित नहीं होती। यह असंगठित क्षेत्र के मजदूर वे मजदूर होते हैं जिन्हें 60 वर्ष की आयु के बाद काम करने की कोई सुरक्षा नहीं मिलती। इन मजदूरों के वृद्धावस्था में बदहाली को देखते हुए ही इस प्रकार की पेंशन योजना को शुरू किया गया है जिसमें 50% योगदान मजदूरों के द्वारा किया जाता है तो 50% सरकार के द्वारा ताकि एक अच्छी खासी राशि खाते में इकट्ठा की जा सके और मजदूरों को 60 वर्ष के बाद इसी राशि के माध्यम से पेंशन प्रदान की जा सके।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना की राशि
इस योजना में आयु के अनुसार योगदान संरचना निर्धारित की गई है जैसे 18 वर्ष में ₹55, 20 वर्ष में 65 रुपए, 25 वर्ष में ₹80, 30 वर्ष में 105 रुपए, 35 वर्ष में 150 रुपए, 40 वर्ष में ₹200। योजना के अंतर्गत लाभार्थी द्वारा जितना योगदान किया जाता है उतना ही योगदान सरकार करती है जिससे योगदान राशि हर महीने दुगनी हो जाती है और वृद्धावस्था में जब यह पेंशन बहाल की जाती है तो 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर LIC के माध्यम से न्यूनतम 3000 मासिक पेंशन शुरू हो जाती है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना का लाभ
इस योजना की वजह से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 60 वर्ष के बाद हर महीने ₹3000 की पेंशन मिलती है। योजना में यदि किसी वजह से लाभार्थी की मृत्यु हो जाए तो परिवार को 50% पेंशन राशि एकमुश्त मिल जाती है। इसके अलावा इस योजना में रिटायरमेंट से पहले अर्थात 60 वर्ष की आयु से पहले लाभार्थी निकासी कर सकता है। इसके साथ ही इस योजना में यदि लाभार्थी किसी वजह से विकलांग हो जाता है तो जीवनसाथी इस योजना में योगदान जारी रख सकता है और 60 वर्ष की आयु के बाद इस पेंशन राशि का लाभ प्राप्त कर सकता है।
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प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के द्वारा मिलने वाले फायदे
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के द्वारा से जो भी श्रमिक मजदूर हैं उन्हें 60 साल के बाद इस योजना के द्वारा हर महीने 3000 तक की पेंशन दी जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए उन्हें हर महीने मे ₹55 से लेकर ₹200 का निवेश करना पड़ता है, तभी इसका लाभ होगा जिसकी जानकारी हमने नीचे दी है:
| प्रवेश के लिए आयु | मासिक योगदान (कर्मचारी द्वारा) | सरकार द्वारा समान योगदान |
| 18 वर्ष | ₹55 | ₹55 |
| 20 वर्ष | ₹65 | ₹65 |
| 25 वर्ष | ₹80 | ₹80 |
| 30 वर्ष | ₹105 | ₹105 |
| 35 वर्ष | ₹150 | ₹150 |
| 40 वर्ष | ₹200 | ₹200 |
योजना के अंतर्गत कौन निवेश आरंभ कर सकता है?
इस योजना में निवेश करने के लिए निवेशक को पहले पात्रता मापदण्ड जांचने जरूरी है जो इस प्रकार से हैं निवेशक असंगठित क्षेत्र का मजदूर होना जरूरी है। निवेशक के पास पहले से ही किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ नहीं होना चाहिए । इस निवेशक निवेश योजना में निवेशक की मासिक आय 15,000 या उससे कम होनी जरूरी है।
निवेशक की आयु 18 से 40 वर्ष होनी आवश्यक है। इस योजना में कोई भी आयकर दाता निवेश नहीं कर सकता । अन्य सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ लेने वाले ,EPF, EPS का लाभ लेने वाले या NPS का लाभ प्राप्त कर चुके निवेशक इस योजना में निवेश नहीं कर सकते । इस योजना में वह निवेशक भी निवेश आरंभ नहीं कर सकते जिनके परिवार से कोई संवैधानिक पदों पर कार्यरत है।
योजना में निवेश आरंभ करने के लिए आवश्यक दस्तावेज
इस योजना में निवेश आरंभ करने के लिए निवेशक को निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने होते हैं निवेशक का आधार कार्ड, निवेशक का बचत खाता विवरण, निवेशक का मोबाइल नंबर , IFSC कोड, प्रारम्भिक नक़द योगदान, निवेशक का पासपोर्ट साइज फोटो इत्यादि
PM श्रम योगी मान धन योजना में निवेश किस प्रकार आरंभ किया जा सकता है?
इस योजना में निवेश आरंभ करने के लिए निवेशक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर सकता है। ऑनलाइन निवेश करने के लिए निवेशक चाहे तो किसी भी बैंक, नजदीकी CSC सेंटर में जाकर निवेश के लिए आवेदन फॉर्म भर सकता है। आवेदन फार्म के साथ निवेशक को अपने सारे जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना होगा और पहला नकद योगदान जमा कर ऑटो डेबि ट फार्म पर हस्ताक्षर करने होंगे। इसके बाद निवेशक को SPAN नंबर और कार्ड प्रदान किया जाता है। वही ऑनलाइन निवेश आरंभ करने के लिए निवेशक को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है। वहां जाकर उन्हें रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक कर ओटीपी सत्यापन कर पर्सनल विवरण और बैंक विवरण दर्ज कर ऑटो डेबिट की स्वीकृति प्रदान कर प्रारंभिक भुगतान करना होता है।
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योजना की कार्य प्रणाली किस प्रकार संचालित की जाती है?
इस योजना को LIC द्वारा संचालित किया जाता है। योजना में खाता खोलने से लेकर निधि प्रबंधन का कार्य LIC द्वारा ही किया जाता है। योजना के अंतर्गत आवेदक किसी भी बैंक CSC सेंटर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करता है। इसके बाद सामान्य बैंक खाते से योजना की स्वचालित निकासी की जाती है।
इस योजना में नामांकन के बाद लाभार्थी को श्रम योगी पेंशन अकाउंट नंबर और पेंशन कार्ड प्रदान किया जाता है ताकि 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद LIC के माध्यम से ₹3000 मासिक पेंशन प्रदान की जा सके। इस योजना में लाभार्थी द्वारा इकट्ठा के लिए राशि को सरकार विभिन्न निवेश स्कीमों में निवेश करती है जिससे उच्च स्तर का रिटर्न आता है और यह रिटर्न ही सेवानिवृत्ति के बाद लाभार्थी को पेंशन के रूप में प्रदान किया जाता है।
इस योजना में सम्मिलित होने के बाद ध्यान रखने योग्य शर्तें
इस योजना में निवेशक चाहे तो समय से पहले निकासी कर सकता है। निकासी 50 वर्ष की आयु में की जा सकती है। 50 वर्ष की आयु में पूर्व निकासी करने पर निवेशक को जमा राशि और खाते पर जमा हुआ ब्याज प्रदान किया जाता है। अपंगता या मृत्यु की स्थिति में मृतक के नॉमिनी को 50% पेंशन राशि प्रदान की जाती है। वहीं अपंगता की स्थिति में निवेशक का नॉमिनी या साथी इस योजना को जारी रख सकता है । या चाहे तो पूर्व निकासी कर सकता है । नियमित राशि जमा न होने पर निवेशक को ब्याज और जुर्माने का भुगतान भी करना पड़ता है।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना एक ऐसी विशेष योजना है जो असंगठित श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इस योजना में लाभार्थी द्वारा 50% योगदान दिया जाता है तो सरकार अपनी तरफ से 50% का योगदान करती है ताकि रिटायरमेंट पर अर्थात 60 वर्ष की आयु होने पर लाभार्थी को हर माह ₹3000 की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की जा सके।
Important Links
| Particulars | Description |
| Official Website | maandhan.in |
| Login Page Link | click here |
| Apply Online Link | click here |
FAQ’s on PM Shram Yogi Mandhan Yojana 2025
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में कितनी पेंशन मिलती है?
पात्र लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3000 प्रतिमाह की निश्चित पेंशन दी जाती है।
इस योजना में आवेदन करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी हैं।
यदि लाभार्थी की मृत्यु 60 वर्ष से पहले हो जाए तो क्या लाभ मिलेगा?
ऐसी स्थिति में योजना में नामांकित जीवनसाथी आगे योगदान जारी रख सकता है और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्राप्त कर सकता है।
क्या यह योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है?
नहीं, यह योजना केवल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए है।