Government new pension Rule: सरकार ने नया नियम जारी किया है। इसके अनुसार, जब सेंट्रल गवर्नमेंट के पेंशनर अपनी 80वीं वर्षगांठ या उससे अधिक उम्र पूरी करते हैं, तो उनको कुछ अतिरिक्त राशि पेंशन के तौर पर दी जाती है। जी हां, केंद्र सरकार ने सेंट्रल सिविल सर्विसेज पेंशन रूल्स 2021 में यह नया नियम जोड़ा है। इसी के जरिए लाखों पेंशनर्स को बेजोड़ आर्थिक सुरक्षा दी जा रही है। ऑफिस मेमोरेंडम के जरिए अब जो उम्र के 80 साल या उससे ऊपर के लोग हों, उस केस में पेंशन के डाइरेक्ट बेनिफिट के साथ ही इन सभी को अतिरिक्त पेंशन, परिवार पेंशन और करुणा भत्ता भी मिलेगी।
Government new pension Rule
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अत्यधिक पेंशन और पारिवारिक पेंशन पाने का न्यूनतम उम्र 80 वर्ष ही रहेगा। हाल में कुछ सुझाव आए थे कि यह सीमा 65 या 70 वर्ष की होनी चाहिए, लेकिन केंद्रीय सरकारी ने इसे बदलने से मना कर दिया। यह फैसला 6वें वेतन आयोग की सिफारिश पर लिया गया है। सिफारिश में कहा गया था कि बुजुर्ग पेंशनर्स की संख्या कहीं अधिक है, और उनके जीवन की मुश्किलें, खासकर स्वास्थ्य के मोर्चे पर, पहले से कई गुना बढ़ गई हैं। बूढ़े लोगों की संख्या जल्दी बढ़ने वाली है। इसलिए फंड से ज्यादा पेंशन देने में कोई बुराई नहीं।
कितना मिलेगा अतिरिक्त पेंशन या भत्ता?
हर दशक में भारतीय कर्मचारी और पेंशनभोगी सरकारी खुशखबरी के लिए एक बहुत ही सुखद घड़ी की प्रतीक्षा करते हैं। यह खुशखबरी तब मिलती है जब केंद्रीय सरकार नए वेतन आयोग का गठन करती है। 2025 में 8वां वेतन आयोग आएगा, इसकी दिशा-निर्देशिका तैयार की जा चुकी है। इस आयोग का कर्तव्य होगा केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों सहित लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनरों के वेतन-भत्तों के ढांचे की समीक्षा करना और नए सिरे से उनका विसंगति-मुक्त वेतन गणित खड़ा करना। यह गणित महंगाई, अर्थव्यवस्था के वर्तमान हालात, वैकल्पिक सरकारी योजनाएँ और आम सरकारी कामकाजी जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इससे एक सीधा संबंध है सरकारी कर्मचारियों के जीवन स्तर के साथ। क्रय शक्ति में वृद्धि सरकार के लिए लक्षित एक सकारात्मक कदम है। इससे मध्यमवर्गीय और निम्नवर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति सशक्त बनती है।
हाल ही में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को वेतन में वृद्धि मिली है। यह 7वें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुसार दी गई वृद्धि है। लेकिन इस बात को ध्यान में रखते हुए कि 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब आएगी, अब तक जो मापदंड केंद्र सरकार ने 7वें वेतन आयोग के लिए अपनाए थे, उनके अनुसार फीस भी बढ़ाई जाती थी। 8वें वेतन आयोग की स्कीम में 7वें वेतन आयोग के स्कीम से अलग क्या किया गया है, इसकी अब प्रगति रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।
महिला कर्मियों के लिए बच्चों की शिक्षा भत्ते को बढ़ाने और दूरदराज में काम करने वाले कर्मियों के लिए खास सुविधाओं के लाभ की भी चर्चा चल रही है। 8वें वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। नेशनल काउंसिल फॉर प्राइस एंड इनकम (एनसीपीआई) के चार्ट की मदद से आयोग सिफारिश करने का काम करेगा। उस चार्ट में महंगाई, महंगाई भत्ते, सरकार के लिए अलग-अलग सेवाओं का मूल्य, पेंशन इत्यादि का उल्लेख होगा। इसके आधार पर अंदाजा लगाया जाएगा कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन में किस अनुपात में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। सरकार ने यह तय किया है कि पेंशनर या परिवार पेंशनर की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाएगी, उनको बेसिक पेंशन का एक प्रतिशत हिस्सा अतिरिक्त मिलेगा। यह गिनती उम्र पूरी होने वाले महीने के पहले दिन से शुरू होती है।
- 80 से 85 साल के बीच: 20% अतिरिक्त
- 85 से 90 साल के बीच: 30% अतिरिक्त
- 90 से 95 साल के बीच: 40% अतिरिक्त
- 95 से 100 साल के बीच: 50% अतिरिक्त
- 100 साल या उससे ज्यादा: 100% अतिरिक्त
उदाहरण: 1 अगस्त 1942 को जन्मे पेंशनर को अग्रगमन के हिसाब से 2022 में पहले तो 80 साल के बने महीने के लिए, यानि अगस्त में, वे 20% अतिरिक्त पेंशन के हकदार बनते हैं। उक्त गणना आधार पर पिछले बजट में घोषित रेट के अनुसार अतिरिक्त पेंशन मिलना शुरू हुआ।
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कब से मिलेगा लाभ?
अतिरिक्त पेंशन या परिवार पेंशन देने का आधार वही महीना रहता है, जब पेंशनर/परिवार पेंशनर की तय उम्र पूरी हो जाती है। आयु पूरी होते ही पहले दिन से यह लाभ मिलने लगता है। यह लाभ उन सभी पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को मिलेगा, जो केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम 2021 के तहत आते हैं। जिनकी उम्र निश्चित सीमा को पार कर गई है, उन्हें बेसिक पेंशन के अलावा अतिरिक्त रकम मिलेगी। इसमें करुणा भत्ता भी शामिल है। रिटायर केंद्रीय कर्मचारी 60 साल से ऊपर है। इस हिसाब से जो करुणा भत्ता दिया जाता है, वह उस मानक के हिसाब से दिया जा रहा है, जो केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम 2021 के तहत आया है।
क्यों जरूरी है ये नियम?
सरकार का मानना है कि बढ़ती उम्र में जीवनयापन, स्वास्थ्य, दवाई, देखभाल जैसी जरूरतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में अतिरिक्त पेंशन का प्रावधान वृद्ध नागरिकों को बेहतर जीवन जीने का आधार देता है। पहली बार ये नियम 2008 के बाद प्रभावी हुआ, अब इसे अपडेट करते हुए ऑफिस मेमोरेंडम के जरिए नए निर्देश जारी किए गए हैं।
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अतिरिक्त पेंशन के लिए आवेदन करने का तरीका
सबसे पहले केंद्र सरकार के पेंशनर्स पोर्टल या DoPPW की वेबसाइट पर जाएं। यह वह स्थान है, जहां से आप अतिरिक्त पेंशन से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और कई बार ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाते हैं तो किसी समय कार्यालय की पेंशन शाखा या नजदीकी सरकारी पेंशन कार्यालय में जाकर प्रश्न-उत्तर संवाद की सहायता से अपने अतिरिक्त पेंशन के विषय में जानकारी प्राप्त करें। वहां आपको अतिरिक्त पेंशन के लिए आवेदन फॉर्म और आवश्यक दस्तावेज़ों के बारे में बताया जाएगा।
आवेदन के समय अपने पेंशन संबंधित चार डॉक्यूमेंट्स, पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र, बैंक खाता और पेंशन स्टेटमेंट जरूर साथ रखें। ऑनलाइन आवेदन करने के समय सबमिट बटन दबाएँ। ऑफलाइन आवेदन करने के बाद उसे संबंधित विभाग में जमा करें। जमा करते समय रसीद अवश्य लें। इससे आप विभाग से जुड़े रह सकेंगे। जब विभाग में आपकी जानकारी भरी होगी, तो सबकुछ सही-सही भरा हुआ मिला, केवल तब आपको अतिरिक्त पेंशन के लिए हाँ मिलेगी। हाँ मिलने के बाद आपको ई-खाते में सीधे आपके नाम से अतिरिक्त पेंशन आते हुए दिखेगी। पेंशन आएगी सिर्फ आपके अकाउंट में, न कि किसी और माध्यम से।