FD Rate Up to 8.05%: भारतीय निवेशक हमेशा ऐसे विकल्प तलाशते रहते हैं जहां उन्हें अच्छा ब्याज और पूरा भरोसा दोनों मिले। ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी अब भी एक लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है। बढ़ती महंगाई और बाजार की अस्थिरता के बीच स्थिर रिटर्न देने वाली एफडी योजनाएं लोगों में भरोसा जगाती हैं। फिलहाल कुछ बैंक पांच साल की अवधि के लिए आम नागरिकों को 8.05 प्रतिशत तक ब्याज दे रहे हैं, जो एक बेहतरीन निवेश अवसर साबित हो सकता है। भारत में कुछ छोटे फाइनेंस बैंक अब भी आम नागरिकों को पांच साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 8.05 प्रतिशत तक ब्याज दे रहे हैं।
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहा सबसे ज्यादा ब्याज
साल 2025 की नवीनतम अपडेट के अनुसार सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank) ने अपनी पांच साल की FD Rate 8.05 प्रतिशत तय की है। यह दर 60 वर्ष से कम उम्र के आम निवेशकों के लिए है। यानी अगर कोई व्यक्ति पांच साल के लिए इस बैंक में जमा करता है तो उसे अन्य बैंकों से अधिक ब्याज मिल सकता है। सामान्य नागरिकों के लिए 8.05 प्रतिशत की दर फिलहाल बाजार में सबसे ऊंची है। यह दर 3 करोड़ रुपये तक के निवेश पर लागू होती है।
जन स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD Rate 8 प्रतिशत तक
जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank) भी अपने ग्राहकों को आकर्षित शर्तों के साथ एफडी ऑफर कर रहा है। पांच साल की अवधि पूरी करने पर ग्राहकों को 8 प्रतिशत तक का ब्याज मिल रहा है। यदि कोई निवेशक नियमित मासिक आय की योजना बनाना चाहता है तो यह बैंक उसके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक ऑफर कर रहा 7.25 प्रतिशत तक ब्याज
जयपुर से लेकर वाराणसी तक कई निवेशक उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank) में भी फिक्स्ड डिपॉजिट खोल रहे हैं। इस बैंक की 5-वर्षीय योजना पर ब्याज दर 7.25 प्रतिशत तक है। छोटे शहरों में यह बैंक पर्याप्त लोकप्रिय है क्योंकि इसका न्यूनतम निवेश मानक अपेक्षाकृत कम है।
SSC CHSL Admit Card 2025 Out at ssc.gov.in, Download Tier 1 Hall Ticket
Mega Merger 2.0 Only 4 Public Sector Banks Will Remain in India
प्रमुख बैंकों की FD Rate सूची
| बैंक का नाम | पांच साल अवधि के लिए एफडी ब्याज दर |
|---|---|
| सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.05 प्रतिशत |
| जन स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8 प्रतिशत |
| उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.25 प्रतिशत |
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी वित्तीय संस्थाओं (Small Finance Banks) में निवेश करते समय सावधानी आवश्यक है। डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) के नियमों के अनुसार, यदि किसी बैंक में 5 लाख रुपये तक की जमा राशि है, तो यह पूरी तरह से बीमित होती है। इसलिए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि अपनी एफडी को 5 लाख रुपये की सीमा के अंदर रखें, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में आपका मूलधन सुरक्षित रहे। स्मॉल फाइनेंस बैंकों की बिजनेस संरचना पारंपरिक बैंकों से थोड़ी अलग होती है। इनके जोखिम और रिटर्न दोनों तुलनात्मक रूप से ज्यादा होते हैं, परंतु सही सीमा में निवेश किया जाए तो यह एफडी उत्पाद उत्कृष्ट रिटर्न दे सकते हैं।
एफडी पर टैक्स का क्या नियम है
बैंक एफडी पर मिलने वाला ब्याज आयकर के अंतर्गत आता है। यदि आपका वार्षिक ब्याज 1 लाख रुपये से अधिक हो जाता है, तो बैंक आपकी तरफ से टीडीएस (TDS) काट सकता है। हालांकि यह कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है, बल्कि पहले से जमा की गई अग्रिम राशि है, जिसे आप आयकर रिटर्न भरते समय समायोजित करा सकते हैं। यदि आपका कर देय शून्य है, तो आप फॉर्म 15G जमा कराकर टीडीएस कटने से बच सकते हैं। ध्यान रखें, फॉर्म 15G तभी मान्य होता है जब निम्न दोनों शर्तें पूरी हों आपकी कुल कर देयता शून्य हो, जिस ब्याज के लिए आप छूट चाहते हैं वह आपकी टैक्स-फ्री सीमा से कम हो। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई टैक्स व्यवस्था में यह सीमा 4 लाख रुपये है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में यह सीमा 2.5 लाख रुपये तय है।
सीएम धामी के बड़े ऐलान से झूम उठा राज्य, पेंशन में बढ़ोतरी की घोषणा – Uttarakhand Pension Hike News
टैक्स रिबेट की नई सीमा क्या है?
वित्त वर्ष 2025-26 में आयकर विभाग ने सेक्शन 87A के तहत टैक्स रिबेट की सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये तक कर दी है। यानि अगर किसी व्यक्ति की आय 12 लाख तक है और उसकी कुल कर देयता शून्य बनती है, तो उसे टैक्स में कोई भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि अगर कुल आय 12 लाख या उससे अधिक है, तो टैक्स देना आवश्यक है और इस स्थिति में फॉर्म 15G जमा करना गलत माना जाएगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कहना है कि गलत घोषणा देने पर टैक्स एक्ट के तहत दंड लग सकता है। इसलिए निवेशक हमेशा सटीक आय और ब्याज आंकड़े के आधार पर फॉर्म भरें।
क्यों चुनें फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश?
एफडी एक ऐसा निवेश साधन है जो न सिर्फ भरोसेमंद है बल्कि बाजार गिरावट से भी सुरक्षित रहता है। आज भी बहुत-से निवेशक इसे अपनी बचत की रीढ़ मानते हैं क्योंकि निवेश का रिटर्न तय रहता है। समयावधि साफ-साफ निर्धारित होती है। कंपाउंडिंग के जरिए ब्याज बढ़ता रहता है पूंजी बाजार की अनिश्चितता से बचाव मिलता है।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों की FD Rate पारंपरिक बैंकों से अधिक होती हैं। यही कारण है कि लोग इन्हें पसंद करते हैं, खासकर जब उन्हें स्थिर और अधिक ब्याज दर चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दरों में बड़ी कटौती नहीं करेगा। मुद्रास्फीति पर नियंत्रण पाते हुए बैंकिंग सेक्टर स्थिर दरों को बनाए रख सकता है। इसका मतलब है कि निवेशकों को फिलहाल जो 8 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न मिल रहा है, वह कुछ समय तक जारी रह सकता है। हालांकि अगर रिपो रेट में आने वाले साल में कोई बदलाव होता है, तो FD Rate भी प्रभावित हो सकती हैं। इसीलिए अभी निवेश करने वालों के लिए यह समय सही माना जा रहा है।